इस बारे में प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान में एम्स से सुभाष नगर पर अभी यात्री कम हैं और लोग मेट्रो को अच्छी तरह समझ-जान सकें, इसलिए शुरुआत में रफ्तार को सीमित रखा गया है।