बर्तन धोने के लिए ज्यादातर लोग डिशवॉशिंग लिक्विड या सोप इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद हमें ये तसल्ली हो जाती है कि बर्तन साफ और सुरक्षित हैं। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि साफ व चमकते हुए बर्तन भी हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। दरअसल कुछ डिशवॉशिंग लिक्विड के केमिकल अवशेष बर्तनों पर रह सकते हैं। ये केमिकल्स खाने के साथ शरीर में जा सकते हैं। इस बारे में फरवरी, 2023 में ‘द जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी’ (JACI) में एक स्टडी पब्लिश हुई। इसके मुताबिक, डिशवॉशर में इस्तेमाल होने वाले रिंस एजेंट्स के अवशेष आंतों की प्रोटेक्टिव लेयर को डैमेज कर सकते हैं। कुछ केमिकल हॉर्मोनल असंतुलन और एलर्जी की वजह बन सकते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम डिशवॉशिंग लिक्विड के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली राजेश बंसल, प्रोफेसर, केमिस्ट्री, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, बावल, हरियाणा सवाल- डिशवॉशिंग लिक्विड क्या है और यह कैसे काम करता है? जवाब- यह एक क्लीनिंग प्रोडक्ट है, जिससे बर्तन साफ किए जाते हैं। इससे बर्तनों में चिपका तेल और गंदगी आसानी से हट जाते हैं। इसमें मौजूद सर्फेक्टेंट तेल और गंदगी को छोटे कणों में तोड़ देते हैं, जो पानी के साथ बह जाते हैं। कुछ लिक्विड और सोप में एंजाइम व हार्ड अल्कलाइन्स भी होते हैं, जो जिद्दी दाग और जमी चिकनाई को साफ करते हैं। सवाल- डिशवॉशिंग लिक्विड में कौन से केमिकल्स हो सकते हैं? जवाब- इनमें सर्फेक्टेंट्स, फ्रेगरेंस, प्रिजर्वेटिव्स, डाई और एंटीबैक्टीरियल एजेंट्स हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य केमिकल्स इनडायरेक्टली मौजूद हो सकते हैं। ये ब्रांड्स के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक में डिशवॉशिंग लिक्विड में यूज होने वाले संभावित केमिकल्स की लिस्ट देखिए- नोट: इन सभी केमिकल्स का इस्तेमाल हर डिशवॉशिंग लिक्विड में नहीं होता है। कई ब्रांड्स इसके अल्टरनेटिव भी यूज करते हैं। सवाल- क्या बर्तन धोने के बाद भी डिशवॉशिंग सोप के बारीक पार्टिकल्स बर्तन में छूटे रह सकते हैं? जवाब- हां, ज्यादा लिक्विड इस्तेमाल करने या बर्तनों को ठीक से रिंस न करने पर सूक्ष्म केमिकल अवशेष रह सकते हैं। ये दिखाई नहीं देते, लेकिन खाने के जरिए शरीर में जा सकते हैं। सवाल- डिशवॉशिंग सोप के ये छोटे पार्टिकल्स हमारी सेहत को कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं? जवाब- ये सूक्ष्म कण खाने के साथ शरीर में जा सकते हैं। इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- डिशवॉशिंग लिक्विड में आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस होती है। क्या इसे इनहेल करना भी नुकसानदायक हो सकता है? जवाब- हां, इससे कुछ लोगों में नाक-गले में जलन, छींक, सिरदर्द, एलर्जी और सांस संबंधी दिक्कत हो सकती है। अस्थमा के लक्षण भी बढ़ सकते हैं। सवाल- डिशवॉशिंग लिक्विड के केमिकल्स और आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस किन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं? जवाब- इसके फ्रेगरेंस कुछ लोगों के लिए ज्यादा नुकसानदायक हो सकते हैं। जैसेकि- सवाल- क्या सभी डिशवॉशिंग लिक्विड में हानिकारक केमिकल्स होते हैं या कुछ सुरक्षित विकल्प भी उपलब्ध हैं? जवाब- सभी डिशवॉशिंग लिक्विड में एक जैसे केमिकल्स नहीं होते। कुछ प्रोडक्ट्स कम केमिकल वाले होते हैं और कुछ घरेलू या DIY विकल्प भी उपलब्ध हैं। हमेशा लेबल पढ़कर ह्यूमन-सेफ इंग्रीडिएंट वाले प्रोडक्ट चुनें। सवाल- डिशवॉशिंग लिक्विड के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इसके लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं। नीचे दिए ग्राफिक में सभी सेफ्टी टिप्स देखिए- सवाल- क्या डिशवॉशर में बर्तन धुलने पर भी केमिकल इनहेलिंग का रिस्क होता है? जवाब- हां, डिशवॉशर की भाप के साथ कुछ केमिकल हवा में मिल सकते हैं। मशीन खोलते समय यह भाप सांस के जरिए अंदर जा सकती है, जिससे कुछ लोगों में जलन या सांस की परेशानी हो सकती है। सवाल- बर्तन धोने का सुरक्षित तरीका क्या है? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- डिशवॉशिंग लिक्विड चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- मार्केट से डिशवॉशिंग लिक्विड खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- …………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िएजरूरत की खबर- बच्चों के फेसबुक-इंस्टा पर रखें नजर: नए टूल से उनके मैसेज-चैट की निगरानी, जानें इसके सारे फीचर्स, कैसे करें एक्टिव सोशल मीडिया पर बच्चों की बढ़ती सक्रियता के साथ उनकी ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर पेरेंट्स की चिंताएं भी बढ़ी हैं। इसके लिए मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और मेसेंजर पर ‘पेरेंटल सुपरविजन टूल’ लॉन्च किया है। पूरी खबर पढ़िए…