मामला सामने आने के बाद शासन ने 24 नवंबर 2025 को मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया। बाद में मृतक की मां संतोष मकवाना ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।