एलजी की अध्यक्षता में हुई डीडीएमए की बैठक:रिटायर्ड अग्निवीरों को फायर डिपार्टमेंट में रखने की तैयारी; मानसून और हीटवेव तैयारियों की समीक्षा

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दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजधानी में अग्नि सुरक्षा, अवैध निर्माण, हीट वेव प्रबंधन और मानसून पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री आशीष सूद और प्रवेश वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एलजी ने अग्निशमन विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व अग्निवीरों की सेवाएं लेने और राजधानी में नए फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया गया। अवैध निर्माण की निगरानी के लिए एमसीडी के 311 पोर्टल पर नागरिकों को तस्वीरें अपलोड करने की सुविधा देने का सुझाव भी दिया गया। अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग पर रोक लगाने के निर्देश बैठक में अवैध और जर्जर भवनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई और अग्नि सुरक्षा संबंधी लाइसेंसों के दुरुपयोग की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक में एलजी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर आम नागरिकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने शहर में जारी अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। बहुमंजिला इमारतों में अनिवार्य हो अग्नि सुरक्षा उपाय दिल्ली अग्निशमन सेवा द्वारा अब तक एक भी नोटिस जारी नहीं किए जाने पर एलजी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा लापरवाही या कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) पर इसका सीधा असर पड़ेगा। वहीं बैठक में गृहमंत्री आशीष सूद के सुझाव पर दिल्ली फायर सर्विसेज एक्ट, 2007 की धारा-32 को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपाय अनिवार्य होंगे। वहीं मानसून तैयारियों की समीक्षा करते हुए एलजी ने जलभराव और बाढ़ के प्रति “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाने तथा नालों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से हर व्यावहारिक सुझाव को अपनाकर आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने का आह्वान किया।