जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। किसानों को उनके खाते में लाखों रुपये होने के बावजूद सिर्फ 10 हजार का भुगतान किया जा रहा है।