कांग्रेस ने अपने विधायकों के टूटने के डर से उन्हें बेगंलुरु शिफ़्ट करने का फ़ैसला किया था लेकिन ऐन मौक़े पर मामला कुछ और हो गया है. कांग्रेस को इसका अंदाज़ा तक नहीं था.