हाल ही में मध्य प्रदेश की राजनीति उस वक्त गर्मा गई, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक चौंकाने वाला बयान दे दिया. उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि पूरे देश में सबसे ज्यादा शराब पीने वाली महिलाएं मध्य प्रदेश में रहती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि एनएफएचएस यानी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में ये आंकड़ा सामने आया है और ये मोदी सरकार के जरिए ही जारी किया गया है. इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बवाल मच गया. सीएम मोहन यादव ने इसे प्रदेश की महिलाओं का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि हम यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. सवाल यह उठता है कि क्या जीतू पटवारी का दावा सच है? क्या वाकई मध्य प्रदेश की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं? ऐसे में आइए जानते हैं कि किस राज्य की महिलाएं सबसे ज्यादा शराब पीती हैं? आंकड़े क्या कहते हैं?देशभर में शराब पीने की आदतों पर नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) 2019-21 में कई जरूरी आंकड़े सामने आए हैं. इस सर्वे के मुताबिक, महिलाओं में शराब पीने वाले लोग कुछ खास राज्यों में ज्यादा पाए गए हैं. लेकिन मध्य प्रदेश उनमें शामिल नहीं है. आंकड़ों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश देश में सबसे ऊपर है, जहां 24.2 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं, इसके बाद सिक्किम (16.2 प्रतिशत), असम (7.3 प्रतिशत), और तेलंगाना (6.7 प्रतिशत) जैसे राज्य हैं. अन्य राज्यों जैसे झारखंड, गोवा, त्रिपुरा, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और छत्तीसगढ़ में भी यह प्रतिशत ज्यादा है. वहीं, मध्य प्रदेश में सिर्फ 0.4 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं, जो कि बहुत ही कम है. यानी देशभर में सबसे ज्यादा शराब पीने वाली महिलाओं के मामले में एमपी काफी नीचे है. महिलाओं में शराब पीने की आदत क्यों बढ़ रही है?पिछले कुछ सालों में महिलाओं में शराब पीने की आदत क्यों बढ़ रही है, अब महिलाएं पहले से ज्यादा शहरों में रह रही हैं, जहां लाइफस्टाइल तेज और एडवांस है. वहीं समाज में बदलाव आ रहे हैं, और अब बहुत-सी चीजों को खुलकर एक्सेप्ट किया जा रहा है, जैसे महिलाओं का शराब पीना. महिलाएं अब आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, इसलिए अपनी पसंद से चीजें खरीद और यूज कर पा रही हैं. इसके अलावा तनाव, काम का दबाव और कॉम्पिटिशन भी शराब पीने की एक वजह बन रहे हैं. पार्टी और फैशन का कल्चर बढ़ने से भी शराब पीना अब आम बात हो गई है. कई आदिवासी इलाकों में घर की बनी शराब पारंपरिक रूप से पी जाती है. ये वहां की संस्कृति का हिस्सा है, जैसे झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में, इसलिए ये आदत अब कुछ जगहों पर समाज और संस्कृति से जुड़ी हुई है. यह भी पढ़ें: भारत में चलती है दुनिया की सबसे धीमी ट्रेन, फिर भी हर कोई करना चाहता है इसकी सवारी