इस गेंदबाज ने बताया विराट कोहली और एमएस धोनी के बीच अंतर, सुनाया 10 साल पुराना किस्सा

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एमएस धोनी भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक हैं, जिनकी कप्तानी में भारत ने दो वर्ल्ड कप (2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 ओडीआई वर्ल्ड कप) और एक चैंपियंस ट्रॉफी (2013) का खिताब जीता. बतौर कप्तान टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली ने भी खूब प्रभावित किया, उन्हें इस फॉर्मेट को जिंदा रखने का भी क्रेडिट दिया जाता है. वनडे क्रिकेट में दोनों ने ही 10 हजार से अधिक रन बनाए. हालांकि ये मानना होगा कि टेस्ट में विराट का पलड़ा थोड़ा भारी है. धोनी ने कभी भी टेस्ट में शतक नहीं लगाया जबकि विराट के 30 टेस्ट शतकों में से 14 विदेशी जमीं पर आए.हालांकि शुरुआत में ऐसा नहीं था. कोहली के टेस्ट करियर के शुरुआती समय में एमएस धोनी विदेशी जमीं पर, खासकर SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में कोहली से बेहतर थे. न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नील वैगनर ने बताया कि कैसे 2014 में हुए एक टेस्ट के दौरान वह अपनी रणनीति से कोहली को परेशान करने में सफल रहे जबकि धोनी ने उन्हें अच्छी तरह खेला.वैगनर ने रेड इंकर क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, "मुझे याद है कि इस टेस्ट मैच में विकेट काफी सपाट था, लेकिन पिच पर गति और उछाल थी. सीधी रेखा में ईडन पार्क ग्राउंड काफी छोटा है, लेकिन चौकोर बाउंड्रीज़ मददगार हैं. मुझे याद है कि मैंने कुछ बाउंसर गेंदें डाली थी, और उन्होंने इसे कैसे खेला. खासकर विराट कोहली थोड़े अस्थिर लग रहे थे. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उन्हें इन गेंदों पर कैसे खेलना चाहिए. खेलना चाहिए भी या इन गेंदों को छोड़ देना चाहिए."उन्होंने आगे कहा, "मैंने ये सोचा था कि गेंद को क्रॉस करते हुए आंखों की दिशा से आउटसाइड डाली जाए. विराट कोहली ने पुल करते हुए फ्रंट ऑफ स्कायर पर मारने की कोशिश की क्योंकि वहां फील्डर नहीं था. इस कोशिश में गेंद उनके पैर के अंगूठे में लगी, जो बिजे वाटलिंग के पास गई."वैगनर जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह ऑकलैंड में 2014 फरवरी में खेला गया था. न्यूजीलैंड ने भारत के लिए चौथी पारी में 407 रनों का लक्ष्य रखा था. विराट कोहली ने 67 रनों की अच्छी पारी खेली थी, शिखर धवन ने भी शतक लगाकर अच्छी शुरुआत दिलाई थी. धवन ने 115 रन बनाए थे. एमएस धोनी ने 39 रन बनाए थे. धोनी और कोहली को नील वैगनर ने ही आउट किया था. न्यूजीलैंड इस मैच को 40 रनों से जीत गई थी. 270 पर 6 इसके गिरने के बाद रविंद्र जडेजा और धोनी के बीच 54 रनों की साझेदारी ने भारत की जीत की उम्मीद बनाए रखी थी, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद स्थिति फिर बदल गई.वैगनर ने आगे कहा, "फिर ऐसा लग रहा था कि धोनी और जडेजा इस लक्ष्य का पीछा करके एक शानदार पारी खेलेंगे. ऐसा नहीं लग रहा था कि धोनी को हमारी गेंदें खेलने में ज्यादा परेशानी हो रही है. मैं ऐसा सोच रहा था कि मैं धोनी को एक धीमी बाउंसर गेंद डालूंगा. मैंने ऐसा किया और उन्होंने जिस तरह इसे आगे बढ़ाया, मैं इससे हैरान रह गया."