Ramadan 2026: रमजान के महीने में रोजेदार बंदों ने शनिवार को रोजा पूरा किया और अल्लाह की रजा में दिन गुजारा. भूख प्यास के बीच रोजेदार अल्लाह का शुक्र अदा कर रहे हैं. खुशनसीब मुसलमान एक साथ तीन फर्ज अदा कर रहे हैं, नमाज भी पढ़ रहे हैं, रोजा भी रख रहे हैं और जो मालिके निसाब हैं वह जकात भी अदा कर रहे हैं.मस्जिदों व दरगाहों पर सामूहिक रूप से इफ्तार हो रही है. माह-ए-रमजान का तीसरा रोजा भी अल्लाह की इबादत में बीता. आज 22 फरवरी 2026 को चौथा रोजा (उपवास) रखा गया है. चारों तरफ रमजान का नूर छाया हुआ है. अल्लाह के बंदे दिन में रोजा रखकर व रात में तरावीह की नमाज अदा कर अल्लाह को राजी करने में लगे हुए हैं. कुरआन-ए-पाक की तिलावत जारी है. नफ्ल नमाजें सलातुल तस्बीह, चाश्त, तहज्जुद, इशराक, सलातुल अव्वाबीन आदि पढ़ी जा रही है.नबी व आले नबी पर दुरूद ओ सलाम का नजराना पेश किया जा रहा है. मस्जिदों की सफें नौजवानों, बुजुर्गों व बच्चों से भरी नजर आ रही हैं. घरों में महिलाएं इबादत के साथ किचन व बाजार से खरीदारी की जिम्मेदारियां उठा रही हैं. बाजारों में चहल पहल है. हर तरफ रमजान का फैजान जारी है.रोजे से गफलत दूर होती है: मोहम्मद आजम शिक्षिक मोहम्मद आजम ने बताया कि रोजे से गफलत दूर होती है इसलिए बंदा अल्लाह का करीबी हो जाता है. हदीस शरीफ में है कि रमजान और कुरआन रोजेदार की शफाअत करेंगे. अल्लाह तआला ने फरमाया कि बंदा रोजा मेरे लिए रखता है और उसकी जजा मैं दूंगा. बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को मेरी वजह से छोड़ता है. रोजेदार के लिए दो खुशियां हैं एक इफ्तार के वक्त और एक अल्लाह से मिलने के वक्त. रोजा रखने से बंदा अल्लाह का करीबी बन जाता है. सहरी करना पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत है लिहाजा सहरी जरूर करें.हजरत फातिमा जहरा को शिद्दत से किया गया यादशनिवार को हजरत सैयदा फातिमा जहरा रदियल्लाहु अन्हा का उर्स-ए-पाक मनाया गया. आपकी पाकीजा जिंदगी पर रोशनी डाली गई. फातिहा ख्वानी हुई. मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर में कारी मुहम्मद अनस रजवी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बेटी, हजरत अली की बीवी हजरत सैयदा फातिमा जहरा रदियल्लाहु अन्हा का विसाल (निधन) तीन रमजान को हुआ था. आपकी जिंदगी हम सभी खासकर औरतों के लिए ऐसी नजीर है, जिस पर अमल करते हुए अपनी जिंदगी को खूबसूरत बनाया जा सकता है. हजरत फातिमा ने अपनी पूरी जिंदगी अल्लाह की इबादत में गुजार दी. वालिद, शौहर, बेटों के साथ उनका जो सुलूक रहा, वह आज भी एक नमूना-ए-हयात बना हुआ है. आपने जिस तरह जिंदगी गुजारी, बच्चों की परवरिश, पड़ोसियों का ख्याल रखा वह एक मिसाल है.इंजेक्शन लगवाने से रोजा नहीं टूटता: उलमा किराम रमजान हेल्पलाइन नंबर 8604887862, 9598348521, 9956971232, 7860799059 पर शनिवार को सवाल ओ जवाब का सिलसिला जारी रहा. लोगों ने नमाज, रोजा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए. उलमा किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया.सवाल: रोजे की हालत में अगर खांसते समय मुंह से खून या बलगम आ जाए तो क्या हुक्म है? जवाब: अगर खून हल्क से नीचे नहीं उतरा तो रोजा नहीं टूटेगा.सवाल: क्या इंजेक्शन लगवाने से रोजा टूट जाता है? जवाब: नहीं, इंजेक्शन गोश्त में लगवाया जाए या नस में इससे रोजा नहीं टूटता.ये भी पढ़ें: Ramadan 2026: 22 फरवरी को रमजान का चौथा रोजा, रोजेदार दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों का देखें सहरी-इफ्तार समयDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.