बारिश में धुले मैच तो इस नियम के तहत होगा सेमीफाइनल का फैसला, टी20 वर्ल्ड कप का ये गणित चकरा देगा सिर

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T20 World Cup 2026 Super-8 Semi-final Rule: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है. सुपर-8 का पहला मुकाबला बीते शनिवार (21 फरवरी) पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच निर्धारित किया गया था, जो बारिश की भेंट चढ़ गया. बता दें कि सुपर-8 में ग्रुप-2 के सभी मैच श्रीलंका की सरजमीं पर होने हैं, जहां आए-दिन बारिश का खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में फैंस के मन में एक सवाल खड़ा होने लगा कि अगर बारिश के कारण ग्रुप-2 के सभी मैच बारिश में धुल गए तो फैसला किस प्रकार से किया जाएगा? सभी मैच रद्द होने की स्थिति में टीमों के पास कोई जीत नहीं होगी, ना ही नेट रनरेट होगा. तो आइए जानते हैं कि इस स्थिति में आईसीसी का कौन सा नियम काम करेगा. सभी मैच रद्द होने पर नियम अगर सभी मैच रद्द हो जाते हैं, तो इस स्थिति में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप प्लेइंग कंडीशन के अनुसार, टाई ब्रेकर का नियम लागू होगा. इस नियम के तहत सबसे पहले ग्रुप स्टेज में जीत की संख्या देखी जाएगी. अगर जीत बराबर रहती है, तो नेट रनरेट देखा जाए. अगर रनरेट भी बराबर रहता है. फिर हेड टू हेड और आखिर में आईसीसी की टी20 रैंकिंग देखी जाएगी. बता दें कि 06 फरवरी से पहले की रैंकिंग को आधार माना जाएगा. इस लिहाज से, ग्रुप-2 के सभी मैच बारिश में धुलने और रैंकिंग को आधार मानते हुए फैसला किए जाने पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीमें सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. दोनों टीमें रैंकिंग में क्रमश: तीसरे और चौथे पायदान पर हैं. वहीं पाकिस्तान (छठी रैंकिंग) और श्रीलंका (आठवीं रैंकिंग) की टीमें बाहर हो जाएंगी. अगर ग्रुप-1 में लागू हो टाई ब्रेकर का नियम वहीं अगर ग्रुप-1 में टाई ब्रेकर का नियम लागू हो, तो रैंकिंग में अव्वल भारत और पांचवें पायदान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीका की टीम सेमीफाइनल जगह हासिल कर लेगी. वहीं सातवें और 12वें पायदान पर मौजूद वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीमें बाहर हो जाएंगी. हालांकि ऐसा होना लगभग असंभव है कि सुपर-8 के सभी मैच बारिश में धुल जाएं.