Kennedy एक ऐसे रहस्यमयी शख्स की कहानी है जो शहर में लगातार कत्ल कर रहा है और वो भी अलग-अलग, shocking तरीकों से। कम बोलने वाला यह आदमी बेहद suspicious है और जिस ठंडे अंदाज में murder करता है, वो असहज कर देता है। Film को Anurag Kashyap ने लिखा और direct किया है, और यह अब ZEE5 पर stream हो रही है। तीन साल पहले बनी इस film ने कई film festival में तारीफें और awards बटोरे, लेकिन theatre की बजाय इसे सीधे OTT Release मिली।कहानी में कई सवाल खड़े होते हैं यह शख्स किसके लिए काम कर रहा है? “बड़े पापा” कौन हैं? उसकी backstory क्या है? Film इन सवालों के जवाब देती है, लेकिन अपने ही pace में। यह एक slow-burn thriller है, जो बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ती है। शुरुआत के 20–25 मिनट में ही लगने लगता है कि कहानी खिंच रही है। असली खुलासे आखिरी 40–45 मिनट में आते हैं, लेकिन तब तक कई दर्शकों की patience जवाब दे सकती है।कहने वाले इसे masterpiece बताएंगे, लेकिन सच यह है कि film की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी लंबाई है। अगर इसे डेढ़ या पौने दो घंटे में समेट दिया जाता, तो impact कहीं ज्यादा मजबूत हो सकता था। शुरुआत का लंबा stretch कई viewers को बीच में ही फिल्म बंद करने पर मजबूर कर सकता है।हालांकि, performances film की सबसे बड़ी ताकत हैं। Rahul Bhat ने अपने career का शायद सबसे बेहतरीन प्रदर्शन दिया है। उनकी intensity, body language और किरदार में डूब जाने की शिद्दत काबिल-ए-तारीफ है। Sunny Leone का role सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी कहानी में एक अलग layer जोड़ती है। साथ ही Mohit टकलकर और Abhilasha Thapliyal ने भी solid काम किया है।कुल मिलाकर, Kennedy एक decent फिल्म है strong performances के साथ, लेकिन uneven pacing के कारण limited appeal वाली। Anurag Kashyap के cinema के fans इसे जरूर appreciate करेंगे, मगर यह film हर किसी के लिए नहीं है।