Weight Gain After Workout: वर्क आउट के बाद भी बढ़ रहा है वजन, जानें कहां हो रही दिक्कत?

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Why Gaining Weight Even After Exercising: हमारे शरीर की हर मांसपेशी चलने-फिरने और काम करने के लिए बनी है, इसलिए वह एनर्जी भी खर्च करती है करीब आधा किलो मांसपेशी आराम की स्थिति में भी रोजाना लगभग 7 से 10 कैलोरी तक जला सकती है, जबकि उतनी ही मात्रा में मौजूद फैट सिर्फ 2 से 3 कैलोरी ही खर्च करती है. यही वजह है कि फिटनेस एक्सपर्ट अक्सर फैट कम करने और मसल्स बढ़ाने की सलाह देते हैं.फिर भी कई लोग शिकायत करते हैं कि महीनों से वर्कआउट करने के बाद भी उनका वजन कम नहीं हो रहा, बल्कि बढ़ गया है. नई एक्सरसाइज शुरू करने पर शुरुआती दौर में ऐसा होना सामान्य है, क्योंकि शरीर खुद को नई रूटीन के अनुसार ढाल रहा होता है. लेकिन अगर लंबे समय से नियमित एक्सरसाइज करने के बावजूद वजन बढ़ रहा है, तो इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है.क्या होता है कारण?Lalpathlabs की रिपोर्ट के अनुसार, इसके कई कारण है, जिसमें सबसे पहला कारण मसल्स मास बढ़ना है. जब आप अनएक्टिव लाइफस्टाइल से सक्रिय दिनचर्या की ओर बढ़ते हैं, तो शरीर में बदलाव आते हैं. हो सकता है आपने कुछ फैट कम किया हो, लेकिन साथ ही मसल्स भी विकसित हुई हों. चूंकि मसल्स फैट से भारी होती हैं, इसलिए शरीर पहले से ज्यादा टोंड दिख सकता है, लेकिन वजन मशीन पर आंकड़ा बढ़ सकता है. शुरुआती हफ्तों में शरीर में पानी रुकने की प्रवृत्ति भी वजन बढ़ा सकती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है.खानपान भी है वजहदूसरा बड़ा कारण खानपान है. कई लोग यह सोचकर जंक फूड खा लेते हैं कि जिम में ज्यादा पसीना बहा लेंगे तो सब संतुलित हो जाएगा. लेकिन संतुलित आहार के बिना वजन घटाना मुश्किल है. वर्कआउट के बाद ली जाने वाली कुछ स्मूदी या एनर्जी ड्रिंक में भी काफी चीनी और अतिरिक्त कैलोरी होती है. कुछ लोग दिनभर कम खाते हैं और रात में ज्यादा खा लेते हैं, जिससे कैलोरी संतुलन बिगड़ जाता है. सही मात्रा और संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है.नींद की कमी भी हो सकता है कारणनींद की कमी भी वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है. एक्सपर्ट मानते हैं कि रोज़ाना 7 से 9 घंटे की नींद शरीर के लिए आवश्यक है. पर्याप्त नींद न मिलने से थकान बढ़ती है, जिससे जिम की नियमितता प्रभावित होती है और अनहेल्दी खाने की इच्छा बढ़ जाती है. इसके साथ ही साथ ही, नींद की कमी से घ्रेलिन और लेप्टिन जैसे हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, इसका रिजल्ट यह होता है कि ओवरईटिंग की संभावना बढ़ जाती है.वर्कआउट भी समस्याकई बार समस्या वर्कआउट के तरीके में भी होती है. जिम जाना ही काफी नहीं है, वहां सही तरीके से और पर्याप्त तीव्रता के साथ एक्सरसाइज करना जरूरी है. सिर्फ हल्की वॉक या न्यूनतम सेटिंग पर ट्रेडमिल चलाने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, वजन घटाने के लिए कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अन्य एक्सरसाइज को जोडना जरूरी है. इसे भी पढ़ें- Can Diabetes Medication Be Stopped: क्या कभी नहीं बंद हो सकती डायबिटीज की दवा, क्या है सच?Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.