मध्य प्रदेश में एसआइआर के बाद 34.25 लाख मतदाता सूची से हटे। भाजपा और कांग्रेस बूथ स्तर पर सत्यापन अभियान चलाकर अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम दोबारा जुड़वाने की तैयारी में हैं।