वैश्विक अनिश्चितता और टैरिफ तनाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से भाव ऊंचे स्तर पर पहुंचे।