प्रशासन द्वारा अब मैदानी स्तर पर जांच की जाएगी और उसमें कमी मिलने पर इमारत को सील किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिल्डिंग बायलॉज के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।