अधिवक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के छह नवंबर 2025 के स्पष्ट आदेश का उल्लंघन करते हुए अमित जोगी को बिना सुनवाई का कोई अवसर दिए दोनों निर्णय पारित किए गए।