कृषक कल्याण वर्ष में मध्य प्रदेश सरकार ने विधायकों की इसमें भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में एक गांव गोद लेने के लिए कहा है। इसे 'विधायक ग्राम' के रूप में विकसित किया जाएगा।