Covid Vaccine Side Effects: अब मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज होंगी कोविड वैक्सीन से होने वाली दिक्कतें? इस देश ने बना लिया प्लान

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covid vaccine side effects:  कोविड-19 महामारी को करीब 6 साल हो चुके हैं. इस महामारी के चलते दुनियाभर में लाखों लोगों ने अपनी जान गवाई थी. हालांकि, इसका असर आज भी पूरी दुनिया में महसूस किया जाता है, क्योंकि इससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स को लेकर बहस लगातार जारी है. इस बीच एक देश कोविड वैक्सीन से होने वाली संभावित दिक्कतों को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. अमेरिका अब कोविड वैक्सीन से होने वाली दिक्कतें मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज करने का प्लान बना रहा है.ये भी पढ़ें-COVID Cases In America: अमेरिका में अचानक बढ़ने लगे कोरोना के मामले, भारत को कितना खतरा?क्या कोविड वैक्सीन को लेकर क्या है पूरा मामलाअमेरिका से एक खबर सामने आई है, वहां स्वास्थ्य अधिकारी कोविड वैक्सीन से होने वाली संभावित दिक्कतों को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. अमेरिका में ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के हेल्थ अधिकारियों ने एक प्रस्ताव पर विचार शुरू किया है, जिसके तहत कोविड-19 वैक्सीन से जुड़े दुष्प्रभाव को मेडिकल रिकॉर्ड्स में अलग से दर्ज करने के लिए नया कोड बनाया जा सकता है. यह कोड डॉक्टरों की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले आईसीडी-10 सिस्टम में शामिल किया जाएगा. अभी तक इस सिस्टम में आम वैक्सीन से जुड़े रिएक्शन और कुछ खास वैक्सीन के रिएक्शन को कवर करता है, लेकिन इसमें कोविड वैक्सीन के लिए कोई डेजिग्नेशन नहीं है, जिसकी सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन के अंदर बहस का एक बड़ा मुद्दा बन गई है.इस फैसले से क्या होगा फायदा बताया जा रहा है कि अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो डॉक्टर ऐसे मामलों की बेहतर पहचान कर सकेंगे, जहां कोविड वैक्सीन के बाद कुछ मरीजों को साइड इफेक्ट हुए हैं. CDC की हेल्थ इन्फॉर्मेशन स्पेशलिस्ट मैरी स्टैनफिल इस प्रपोजल को लेकर कहा कि कोड का इस्तेमाल इंश्योरेंस पेमेंट के साथ-साथ रिसर्च और स्टैटिस्टिकल एनालिसिस के लिए भी किया जाता है. इसके अलावा मेडिकल रिकॉर्ड में स्पष्ट जानकारी होने से बीमा दावों और स्वास्थ्य से जुड़े दूसरे पहलुओं पर भी असर पड़ सकता है. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर फिलहाल लोगों से सुझाव मांगे गए हैं, जिनकी अंतिम तारीख मई तय की गई है. इसे मंजूरी मिलती है तो नया कोड 2027 तक लागू किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स की क्या है राय कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह का कोड बनने से मरीजों की पहचान और इलाज में मदद मिलेगी. वहीं कई पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी इस विषय पर और गहराई से रिसर्च की जरूरत है. उनका कहना है कि कोविड वैक्सीन से जुड़े लक्षणों और उनके कारणों को पूरी तरह समझे बिना नई मेडिकल कैटिगरी बनाना सही नहीं होगा. ये भी पढ़ें-Weekend Warrior Exercise: हफ्ते में सिर्फ 2 दिन एक्सरसाइज करके भी रह सकते हैं हेल्दी, जानें बेहद आसान तरीके