Chaiti Chhath 2026 Surya Arghya Time: ऊषा अर्घ्य के साथ कल चैती छठ का समापन, जानें शहर अनुसार सूर्य अर्घ्य का समय

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Chaiti Chhath 2026 Surya Arghya Time: लोक आस्था का महापर्व चैती छठ चार दिनों तक मनाया जाता है. 22 मार्च 2026 को नहाय खाय के साथ शुरू हुआ चार दिवसीय चैती छठ का पर्व अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. 24 मार्च को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया. इसके बाद 25 मार्च को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जिसे ऊषा अर्घ्य कहा जाता है. ऊषा अर्घ्य के साथ छठ पर्व का समापन हो जाता है.ऊषा अर्घ्य का महत्वछठ पूजा के अंतिम दिन सुबह तड़के नदी घाट, सरोवर में पहुंचकर कमर तक जल में खड़े होकर भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा की जाती है. कई लोग घर पर ही टब आदि में जलकुंड बनाकर भी अर्घ्य देते हैं. ऊषा अर्घ्य से एक दिन पहले डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और फिर अगली सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है. इसे छठ पूजा का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है.अर्घ्य देते समय व्रती फल, ठेकुआ, प्रसाद और अन्य सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी उम्र की कामना करती है. छठ पूजा में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा के पीछे का महत्व और संदेश यह है कि, जिसका अस्त हुआ है वह उदित जरूर होता है. ऊषा अर्घ्य का सही समयधार्मिक मान्यता के अनुसार, ऊषा अर्घ्य सूर्योदय के समय देना चाहिए. जब सूर्य की पहली किरण दिखाई पड़ने लगे और सूर्य क्षितिज से ऊपर आने लगे, उसी समय जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए. ऊषा अर्घ्य सूर्योदय के कुछ मिनट पहले से लेकर सूर्योदय के तुरंत बाद तक दिया जाता है. सूर्योदय के बहुत समय बीत जाने के बाद ऊषा अर्घ्य देना सही नहीं माना जाता है. पंचांग के अनुसार, 25 मार्च 2026 को सूर्योदय का समय सुबह 6 बजकर 20 मिनट रहेगा. आप इसी समय के आसपास सूर्य को अर्घ्य दे सकते हैं. लेकिन विभिन्न शहरों में सूर्योदय के समय में भी थोड़ा अंतर भी होता है, इसलिए जान लें अपने शहर अनुसार ऊषा अर्घ्य का समय.शहर अनुसार ऊषा अर्घ्य का समय (City Wise 25 March 2026 Sunrise Time)पटना (Patna)- सुबह 05 बजकर 59 मिनटरांची (Ranchi)- सुबह 05 बजकर 48 मिनटगोरखपुर (Gorakhpur)- सुबह 05 बजकर 55 मिनटदिल्ली (Delhi)- सुबह 06 बजकर 20 मिनटप्रयागराज (Prayagraj)- सुबह 06 बजकर 02 मिनटजमशेदपुर (Jamshedpur)- सुबह 05 बजकर 45 मिनटबोकारो (Bokaro)- सुबह 05 बजकर 45 मिनटगया (Gaya)- सुबह 05 बजकर 49 मिनटभागलपुर (Bhagalpur)- सुबह 05 बजकर 41 मिनटमुजफ्फरपुर (Muzaffarpur)- सुबह 05 बजकर 47 मिनटवाराणसी (Varanasi)- सुबह 05 बजकर 57 मिनटलखनऊ (Lucknow)- सुबह 06 बजकर 05 मिनटमऊ (Mau)- सुबह 05 बजकर 55 मिनटदेवघर (Deoghar)-सुबह 05 बजकर 42 मिनटनोएडा (Noida)- सुबह 06 बजकर 19 मिनटछपरा (Chapra)- सुबह 05 बजकर 50 मिनटकोलकाता (Kolkata)- सुबह 05 बजकर 36 मिनटभोपाल (Bhopal)- सुबह 06 बजकर 20 मिनटमुंबई (Mumbai)- सुबह 06 बजकर 39 मिनटपुणे (Pune)- सुबह 06 बजकर 35 मिनटबेगूसराय (Begusarai)- सुबह 05 बजकर 45 मिनटये भी पढ़ें: Chaiti Chhath Vrat Katha in Hindi: चैती छठ पर्व क्यों मनाते हैं, नहीं जानते तो पढ़ें ये कथाDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.