13 साल कोमा और कानूनी जंग के बाद हरीश राणा ने दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। हरीश सुप्रीम कोर्ट से 'पैसिव यूथेनेशिया' की अनुमति पाने वाले देश के पहले व्यक्ति बने। परिवार की लंबी अदालती जंग के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सम्मानजनक मौत की अनुमति दी थी।