Why Am I Gaining Weight On Healthy Diet: आप हेल्दी खाना खा रहे हैं, जंक फूड से दूर हैं और एक्टिव भी रहते हैं, फिर भी वजन बढ़ रहा है? ऐसे में हमारे मन में सवाल आता है कि ऐसा क्यों होता है? यह सवाल आजकल कई लोगों को परेशान करता है. अक्सर लगता है कि सारी कोशिशों के बावजूद शरीर साथ नहीं दे रह. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ कैलोरी या मेहनत का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर की जटिल मेटाबॉलिक प्रक्रिया काम करती है.एक्सपर्ट बताते हैं कि कई बार शरीर खुद को नई परिस्थितियों के हिसाब से ढाल लेता है. जब लंबे समय तक कम कैलोरी ली जाती है, तो शरीर अपनी ऊर्जा बचाने लगता है. इसे मेटाबॉलिक अडैप्टेशन कहा जाता है. यानी शरीर पहले की तुलना में कम कैलोरी जलाने लगता है. ऐसे में वही डाइट, जो पहले वजन घटाने में मदद करती थी, अब वजन को बढ़ाने या स्थिर रखने लगती है.इसे भी पढ़ें- Gut Bacteria And Cancer: सावधान! आपकी आंतों में छिपा है 'कैंसर का विलेन', वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा इंसुलिन रेजिस्टेंस भी एक बड़ा कारणइसके अलावा इंसुलिन रेजिस्टेंस भी एक बड़ा कारण हो सकता है. इंसुलिन सिर्फ ब्लड शुगर को ही नहीं, बल्कि शरीर में फैट स्टोर करने की प्रक्रिया को भी नियंत्रित करता है। जब शरीर इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहता, तो इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है और शरीर फैट को जलाने के बजाय जमा करने लगता ह. यह स्थिति उन लोगों में भी देखी जा सकती है, जो बाहर से पूरी तरह हेल्दी डाइट ले रहे होते हैं.क्या कहते हैं एक्सपर्ट?डॉ. मोइनुद्दीन ने TOI को बताया कि एक और अहम भूमिका लेप्टिन हार्मोन की होती है, जो दिमाग को यह संकेत देता है कि पेट भर गया है लेकिन जब शरीर में लेप्टिन रेजिस्टेंस हो जाता है, तो यह संकेत सही तरीके से काम नहीं करता. नतीजा यह होता है कि व्यक्ति बिना महसूस किए जरूरत से थोड़ा ज्यादा खाने लगता है, जो धीरे-धीरे वजन बढ़ाने का कारण बनता है. हार्मोनल असंतुलन भी वजन बढ़ने के पीछे बड़ी वजह हो सकता है. जैसे हाइपोथायरायडिज्म में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, PCOS महिलाओं में फैट स्टोरेज को प्रभावित करता है और कशिंग सिंड्रोम में बढ़ा हुआ कोर्टिसोल शरीर में चर्बी जमा करने लगता है. ये सभी स्थितियां वजन बढ़ने को आसान बना देती हैं.हेल्दी खाने से भी बढ़ता है वजनकई बार हम यह भूल जाते हैं कि हेल्दी खाना भी ज्यादा मात्रा में लेने पर वजन बढ़ा सकता है. ड्राई फ्रूट्स, फल, साबुत अनाज और स्मूदी पोषक जरूर होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी अधिक होती है. अगर इनका सेवन जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो शरीर अतिरिक्त एनर्जी को फैट के रूप में स्टोर करने लगता है. सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल भी इसमें अहम भूमिका निभाता है. कम नींद, ज्यादा तनाव और शरीर में सूजन जैसी स्थितियां मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं. नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं, जबकि तनाव से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो वजन बढ़ाने में मदद करता है.इसे भी पढ़ें- Vitamin Side Effects: सावधान! बिना डॉक्टरी सलाह के यह विटामिन लेना पड़ सकता है भारी, जा सकती है आंखों की रोशनीDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.