इस संबंध में हाई कोर्ट में चल रही 70 याचिकाओं में युगलपीठ ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को जवाब प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।