परिजनों के अनुसार, घटना के बाद मामला और भी भयावह हो गया जब कुछ लोगों ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए डराया-धमकाया। गाली-गलौज और “बुरा अंजाम भुगतने” की चेतावनी देकर दबाव बनाया गया।