कक्षा 9वीं से 12वीं तक के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी तकनीकी दक्षता में निजी स्कूलों के समकक्ष खड़े हो सकें।