चीन का दावा है कि उसने सुलह के ‘गहन’ और ‘रचनात्मक’ प्रयास किए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय टिप्पणीकारों का एक वर्ग मानता है कि इस संघर्ष ने चीन के सीमित असर को उजागर कर दिया है.