असहनीय दर्द सहते हुए 13 साल बाद हरीश राणा इस दुनिया से विदा जरूर हो गए, लेकिन उनके माता-पिता ने अपने बेटे को अमर बनाने का ऐसा फैसला लिया है, जो दर्द को भी एक नई रोशनी देगी।