अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमले के कुछ ही दिनों बाद यह अटकलें लगाई जाने लगीं थीं कि इराक़ स्थित ईरानी कुर्द सशस्त्र समूह जल्द ही सीमा पार करके ईरान की मौजूदा सत्ता के ख़िलाफ़ लड़ाई में शामिल हो सकते हैं.