मध्य प्रदेश में एक अप्रैल से प्रदेश के समस्त जिलों में पेंशन प्रकरणों का निराकरण राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल से किया जाएगा। इससे अब पेंशनरों को जिलों में भटकना नहीं पड़ेगा।