बिहार बोर्ड की दसवीं क्लास के नतीजों में पहले 10 टॉपर्स में 139 स्टूडेंट शामिल हैं. इनमें कई ऐसे बच्चे हैं जिनके पिता या तो प्रवासी मज़दूर हैं या जिन्होंने ख़ुद खेत मज़दूरी करते हुए पढ़ाई की.