हम अपने आसपास जो भी विविधता देखते हैं, चाहे वो रंगों में हो या वस्तुओं में उसकी जड़ में एक गहरी एकता छिपी होती है. जैसे अलग-अलग रंगों को मिलाने से नए रंग बनते हैं, लाल और पीला मिलकर नारंगी, पीला और नीला मिलकर हरा. लेकिन असल सच्चाई यह है कि, इन सभी रंगों का आधार वही सात रंग हैं, जो इंद्रधनुष में दिखाई देते हैं. और इन सात रंगों के पीछे भी एक मूल है सफेद और शुद्ध प्रकाश.जब सूर्य की रोशनी प्रिज्म से गुजरती है, तो वही सफेद प्रकाश सात रंगों में अलग-अलग हो जाते है. यानी जो हमें अलग-अलग दिखता है, वह असल में एक ही स्त्रोत से निकला हुआ है. कार नंबर प्लेट में छिपा है किस्मत का राज! अंकशास्त्र से जानें अपनी गाड़ी का 'समग्र नंबर' और उसका असरसृष्टि की संरचना पंचतत्व सेइसी तरह यह संपूर्ण संसार 5 तत्वों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और प्रकाश से बने हुए हैं. प्रत्येक वस्तु में ये पांच तत्व मौजूद हैं. लेकिन इनके अनुपात में काफी अंतर है.तत्वों की उत्पत्ति का क्रमआकाश से वायुवायु से अग्निअग्नि से जलजल से पृथ्वीयानी की संपूर्ण सृष्टि एक ही मूल संरचना का विस्तार है, फर्क केवल संतुलन का है.अंकशास्त्र में संख्या का सिद्धांतप्राचीन ऋषियों ने संख्याओं को केवल गिनती का माध्यम ही नहीं माना, बल्कि उसे ऊर्जा और समय से भी जोड़ा. उन्होंने काल (समय), शब्द (ध्वनि) और संख्या के बीच एक गहरा सामंजस्य स्थापित किया.इसी संतुलन से कुछ खास संख्याएं विशेष बनीं, जैसे108 (जप माला में प्रयोग)दशमलव प्रणाली का आधारआज का विज्ञान भोजन को कैलोरी में मापता है, ठीक उसी तरह प्राचीन ज्ञान में किसी व्यक्ति के नाम को संख्या में बदलकर उसकी ऊर्जा और प्रभाव का आकलन किया जाता था. नाम और चेतना केवल पहचान नहींनाम मात्र एक पहचान नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की चेतना से जुड़ा संकेत है. इसका सबसे सीधा उदाहरण यह है कि, अगर कई लोग सो रहे हों और किसी एक का नाम पुकारा जाए, तो वही व्यक्ति जागता है. इससे क्या समझ आता है कि, नाम और चेतना के बीच सीधा संबंध है. हर व्यक्ति अफने नाम की फ्रीक्वेंसी से जुड़ा होता है. आकर्षण का नियम संख्या भी काम करती हैजिस प्रकार रेडियो की एक खास फ्रीक्वेंसी पर ही सिग्नल पकड़ता है, ठीक उसी तरह हर संख्या की अपनी एक तरंग (vibration) होती है. इसका प्रभाव समान संख्या वाले लोग एक-दूसरे से आकर्षित होते हैं. अलग संख्या वाले लोगों में टकराव या दूरी देखने को मिल सकती है. यही वजह है कि, कुछ लोग बिना कारण करीब लगते हैं और कुछ अनजाना सा दूरी का अनुभव कराते हैं. प्रकृति के उदाहरण से समझो हकीकतअगर आप को अभी यह सब थ्योरी लग रही है, तो प्रकृति खुद इसका प्रमाण देती है.चीनी डालोगे तो चींटियां आएंगी.दाना डालोगे तो पक्षी आएंगे.मरा हुआ जानवर डालोगे तो गिद्ध आएंगे.बकरा बांधने पर शेर आएगा. प्रत्येक वस्तुए अपने जैसे स्वभाव वाली चीज को ही आकर्षित करती है. यही नियम मनुष्यों और संख्याओं पर भी लागू होता है. अंक ज्योतिष को समझने वालों के लिएजिन भी लोगों को अंक ज्योतिष का ज्ञान नहीं है, उन्हें प्रत्येक अंक एक समान लग सकते हैं. लेकिन असल में हर अंक का अलग-अलग प्रभाव होता है. उदाहरण के लिए-मूलांक 1 वाले व्यक्ति के लिए 1 शुभ होता है. मूलांक 6 वालों के लिए 6 शुभ होता है. जीवन में संख्याओं की भूमिकाकिसी व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि और उससे जुड़ी संख्या इन सबका आपस में संबंध होता है. यही वजह है कि कुछ खास दिन या वर्ष जीवन में बड़े बदलाव लेकर आते हैं. इसे मात्र संयोग मानना आसान है, लेकिन बार-बार दोहराव इसे एक पैटर्न बना देता है. धार्मिक संरचना में छिपा गणितहमारे धार्मिक ग्रंथों में और परंपराओं में भी संख्याओं का गहरा महत्व है. गीता में 18 अध्यायमहाभारत में 18 पर्व18 पुराण (1+8 = 9)भागवत के 12 स्कंधगायत्री मंत्र के 24 अक्षरविवाह में 7 फेरेये सब यूं ही निर्धारित नहीं हुए, इनके पीछे गणित और ऊर्जा का संतुलन छिपा है. कुल मिलाकर अंक विद्या को पूरी तरह से खारिज करना भी उतनी ही बड़ी गलती है, जितना इसे बिना समझे अंधविश्वास मान लेना है. ध्यान रखने वाली बात यह है कि, हर नियम के अपवाद होते हैं. ग्रहों का प्रभाव परिणाम बदल सकता है. सही समझ के लिए लंबे समय तक निरीक्षण जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन के अनुभवों को ध्यान से देखें, तो वह समझ सकता है कि, कौन-सी तारीख उसके लिए शुभ हैं, और किस दिन समस्याएं ला सकती हैं. Mobile Numerology: क्या आपका नंबर बदल सकता है किस्मत? जानें सही अंक और जीवन में सफलता का रहस्य!Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.