विकास अग्रवाल लंबे समय से फरार है और उसे सिंडिकेट का अहम सदस्य माना जाता है, जांच एजेंसी को संदेह है कि घोटाले की अवैध राशि का निवेश ज्वेलरी फर्म और अन्य संपत्तियों में किया गया हैं।