फेसबुक-इंस्टाग्राम चलाने में अब नहीं रहा मजा! एक ही झटके में कम हो गए मेटा के करोड़ों यूजर्स

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Meta Active Users Drop: लोगों को अब फेसबुक और इंस्टाग्राम चलाने में मजा नहीं आ रहा. ताजा आंकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं. इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत मेटा के दूसरे प्लेटफॉर्म्स के 2 करोड़ डेली एक्टिव यूजर्स कम हो गए हैं. दरअसल, पिछले काफी समय से लोग इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि उनके फीड पर आने वाला कंटेट उनकी पसंद का नहीं है. हालांकि, मेटा ने यूजर्स की संख्या में कमी के पीछे इंटरनेट पर पाबंदी समेत एक्सटर्नल कारण बताए हैं. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.एक झटके में करोड़ों यूजर्स हुए कमबुधवार को अपनी अर्निंग कॉल में कंपनी ने बताया कि उसकी ऐप्स के 20 मिलियन डेली एक्टिव यूजर्स कम हुए हैं. मेटा ऐप्स की बात करें तो इनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम के अलावा व्हाट्सऐप और मैसेंजर भी शामिल हैं. मेटा का कहना है कि इस कमी के पीछे पूरी तरह से कंपनी जिम्मेदार नहीं है. कंपनी ने इसके पीछे ईरान में युद्ध के कारण कनेक्टिविटी इश्यू और रूस में व्हाट्सऐप पर लगे बैन समेत एक्सटर्नल कारणों को जिम्मेदार ठहराया है. फीड क्वालिटी पर उठ रहे हैं सवालभले ही मेटा यह मानने को तैयार नहीं है, लेकिन फेसबुक और इंस्टाग्राम आदि की फीड क्वालिटी पर खूब सवाल उठ रहे हैं. यूजर्स फीडबैक से पता चलता है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के फीड अब विज्ञापनों और सजेस्टेड पोस्ट से भर गए हैं. कई यूजर्स का कहना है कि उन्हें अपने दोस्तों और फॉलो किए गए अकाउंट्स की पोस्ट भी नजर नहीं आती. उनकी फीड को एल्गोरिदम-ड्रिवन रिकमंडेशन घेर लेती है. कई यूजर्स को बार-बार एक ही कंटेट, खराब क्वालिटी वाली पोस्ट और पूरी तरह अनरिलेटिड कंटेट दिखाया जा रहा है, जिससे स्क्रॉलिंग में मजा नहीं रहा है.अब एल्गोरिदम में बदलाव करेगी मेटाबढ़ती क्रिटिसिज्म के बीच अब मेटा ने अपने रिकमंडेशन सिस्टम को अपडेट करने का ऐलान किया है. खासकर इंस्टाग्राम के फीड के लिए बड़े बदलाव किए जाएंगे. कंपनी ने कहा कि नया सिस्टम ऑरिजनल कंटेट को प्रमोट करेगा और रिपोस्टेड और कम एडिट हुए कंटेट की विजिबिलिटी कम की जाएगी. इसका असर यह होगा कि ऑरिजनल पोस्ट शेयर न करने वाले अकाउंट्स की रीच कम हो जाएगी. इससे प्लेटफॉर्म पर कंटेट डायवर्सिटी बढ़ेगी और क्रिएटर को भी यूनीक कंटेट तैयार करने का प्रोत्साहन मिलेगा.मेटा ने हाल ही में की है छंटनीमेटा ने अपने बढ़ते खर्चों को मैनेज करने के लिए हाल ही में वर्कफोर्स को कम किया है. कंपनी ने 8,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है और 6,000 खाली पोस्ट को भी न भरने का फैसला किया है. ये भी पढ़ें-आपकी जासूसी तो नहीं कर रहा Smart TV! इस फीचर के कारण बना हुआ है खतरा