Nargis Dutt Death Anniversary: 'मदर इंडिया' इंडस्ट्री की कल्ट क्लासिक फिल्म है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है. ये आज भी लोगों के जहन में है. फिल्म में नरगिस दत्त ने लीड रोल प्ले किया था और उन्होंने इसके जरिए फैंस के दिलों में खास जगह बना ली थी. ये उनकी डेब्यू फिल्म थी. उन्होंने अपने अभिनय से लाखों दिल जीत लिए थे. केवल एक्टिंग ही नहीं बल्कि उनके चुलबुल अंदाज, खूबसूरती और सादगी के भी लोग कायल थे. लेकिन उनके बारे में बहुत कम ही लोगों को पता होगा कि दिवंगत एक्ट्रेस ने बेमन से एक्टिंग में करियर शुरू किया था. वह डॉक्टर बनना चाहती थीं. नरगिस दत्त का असली नामदरअसल, नरगिस दत्त की 3 मई को पुण्यतिथि है. एक्ट्रेस का असली नाम रशीद फातिमा था. उनका जन्म 1 जून 1929 को कोलकाता में हुआ था. उनकी मां जदनबाई उस समय की प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका, नृत्यांगना, निर्देशक और अभिनेत्री थीं. जदनबाई भारतीय सिनेमा की पहली महिला संगीतकार भी थीं. वो चाहती थीं कि उनकी बेटी अभिनय की दुनिया में आएं, लेकिन नरगिस का सपना कुछ और था. एक्टिंग नहीं करना चाहती थीं नरगिसवह डॉक्टर बनना चाहती थीं. साल 1935 में जब नरगिस महज 6 साल की थीं, तब जदनबाई ने उन्हें बाल कलाकार के तौर पर फिल्म ‘तलाश-ए-हक’ से एक्टिंग में उतार दिया. इस तरह उनके अभिनय की शुरुआत हो गई, लेकिन नरगिस का मन अभिनय में नहीं था.यह भी पढ़ें: मराठी की सबसे बड़ी ओपनर बनी 'राजा शिवाजी', रितेश देशमुख की फिल्म ने तोड़े ये रिकॉर्ड्सबेमन के दिया स्क्रीन टेस्ट और बन गईं 'मदर इंडिया'नरगिस दत्त के एक्ट्रेस बनने का किस्सा भी काफी दिलचस्प है. एक दिन जदनबाई ने नरगिस दत्त को महबूब खान के पास स्क्रीन टेस्ट के लिए भेज दिया. नरगिस का बिल्कुल मन नहीं था. लेकिन वह बेमन से टेस्ट देने गई थीं. उनका इरादा था कि महबूब खान उन्हें रिजेक्ट कर देंगे और वो डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर सकेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. महबूब खान उनकी एक्टिंग से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी फिल्म ‘तकदीर’ के लिए नरगिस को नायिका चुन लिया.1949 में चमकी किस्मतइसके बाद साल 1945 में महबूब खान की फिल्म ‘हुमायूं’ आई लेकिन असली सफलता साल 1949 में मिली. राज कपूर की फिल्म ‘बरसात’ और दिलीप कुमार के साथ ‘अंदाज’ ने नरगिस को स्टार बना दिया. ‘बरसात’ में राज कपूर के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को बहुत पसंद आई.यह भी पढ़ें: रोमांस से थ्रिल तक, थिएटर में हो गईं मिस तो ओटीटी पर निपटा लें साउथ की ये 7 धांसू फिल्मेंफिर यूं 'मदर इंडिया' बन गईं नरगिस दत्तनरगिस दत्त का करियर चरम पर था, लेकिन 1950 के बाद कुछ फिल्में असफल रहीं. फिर 1957 में महबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ आई. इस फिल्म में नरगिस ने राधा का किरदार निभाया और इतिहास रच दिया. ‘मदर इंडिया’ को ऑस्कर के लिए नॉमिनेशन भी मिला. इस फिल्म ने नरगिस को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाई. राज कपूर के साथ नरगिस की जोड़ी बेहद मशहूर हुई. इसके बाद उन्होंने ‘आवारा’, ‘श्री 420’, ‘चोरी चोरी’, ‘जागते रहो’ जैसी फिल्मों में दोनों ने साथ काम किया. इन फिल्मों के गाने आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं.कैंसर की वजह से हुए नरगिस दत्त का निधनगौरतलब है नरगिस दत्त का निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुई थी. उन्होंने 3 मई, 1981 को अपनी अंतिम सांस ली थी. उन्हें कैंसर था. उनका इलाज न्यूयॉर्क में चल रहा था. उनकी मौत बेटे संजय दत्त की पहली फिल्म 'रॉकी' की रिलीज से महज तीन दिन पहले हुआ था.