ब्रिटिश काल के अधिकारी और इतिहास लेखक सीई लुआर्ड ने अपनी पुस्तक- ‘धार एंड मांडू’ (अ स्केच फार द साइट-सीअर) में लिखा है कि धार की भोजशाला मूलतः हिंदू मंदिर था।