नागदा में उतारे गए 14 बच्चे परिवार के साथ जा रहे थे, जबकि 10 बच्चे अपने स्वजन की सहमति से जा रहे थे। उज्जैन जीआरपी प्रभारी अमित भावसार ने बताया कि प्राथमिक रूप से मामला बाल तस्करी या बाल श्रम का नही बनता पाया गया है, फिर भी श्रम निरीक्षक व बाल कल्याण समिति के अधिकारियों के साथ संयुक्त पूछताछ के बाद कार्रवाई की जाएगी।