एजेंसी का मानना है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से जुड़ी हैं। कोर्ट की मंजूरी के बाद ED की कार्रवाई और तेज होगी और मिर्ची से जुड़े आर्थिक मामलों में शिकंजा और कसा जाएगा।