राजेश द्वारा पुलिस थाने में शिकायत की गई। पुलिस ने एफआइआर दर्ज न कर मामले को लंबित रखा। तब राजेश ने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर के आदेश दिए।