जब किसी देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति विदेश दौरे पर जाता है तो वह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं होता है. वह अपने देश का प्रतिनिधि बनकर जाता है. ऐसे में दूसरे देश के लोग उसका स्वागत बहुत खास तरीके से करते हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि वे उस देश और उसके नेताओं का सम्मान करते हैं. इसी सम्मान का एक खास तरीका गार्ड ऑफ ऑनर है. यह सिर्फ एक फॉर्मल इवेंट नहीं होता, बल्कि यह उस मेहमान के लिए सम्मान, भरोसे और दो देशों के रिश्तों की गहराई का प्रतीक होता है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जब जापान के दौरे पर पहुंचे तो उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे और गार्ड ऑफ ऑनर को लेकर हर तरफ चर्चा जारी है. लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं ऐसे में चलिए जानते हैं कि गार्ड ऑफ ऑनर क्या होता है और ये क्यों दिया जाता है. गार्ड ऑफ ऑनर क्या होता है?गार्ड ऑफ ऑनर एक सैन्य परंपरा है, जिसमें एक देश की सेना एक लाइन में खड़ी होकर किसी विशेष मेहमान को सलामी देती है. इस दौरान सैनिक अपनी वर्दी में और हथियारों के साथ होते हैं. सैन्य बैंड, राष्ट्रीय गान या स्वागत संगीत बजाता है. विशेष मेहमान यानी राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री, सैनिकों का निरीक्षण करते हैं. यह कार्यक्रम बहुत डिसीप्लिन्ड, फॉर्मल और सिंबलिक होता है. इसमें सैनिकों का साहस और देश की सैन्य शक्ति भी दिखती है. जापान में गार्ड ऑफ ऑनर का मतलब क्या है?जापान की सेना को Self-Defense Forces (JSDF) कहा जाता है, क्योंकि जापान की नीति शांति बनाए रखना है न कि आक्रमण करना. इस वजह से जापान में गार्ड ऑफ ऑनर सिर्फ सैन्य शक्ति दिखाने के लिए नहीं होता, बल्कि यह कूटनीतिक सम्मान दिखाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के लिए और विशेष मेहमानों के प्रति रिस्पेक्ट करने के लिए किया जाता है. यह समारोह आमतौर पर अकासाका पैलेस या प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित किया जाता है. किसे दिया जाता है जापान में गार्ड ऑफ ऑनर?जापान में गार्ड ऑफ ऑनर सिर्फ कुछ विशेष लोगों को ही दिया जाता है. विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री, जैसे कि भारत के प्रधानमंत्री, अमेरिका के राष्ट्रपति आदि, इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र या अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बड़े अधिकारी, खास मौकों पर जापान के सम्राट या शाही परिवार के सदस्य को या शहीद सैनिकों की अंतिम विदाई पर दिया जाता है.यह भी पढ़ें : जापान में कितनी है रुपये की कीमत, वहां के 10,000 यहां कितने हो जाते हैं?