जब भी गार्ड ऑफ ऑनर की बात होती है तो ज्यादातर लोग इसे बस एक औपचारिक स्वागत मान लेते हैं. लेकिन हकीकत यह है कि यह सम्मान हर किसी को नहीं मिलता और न ही हर जगह दिया जाता है. गार्ड ऑफ ऑनर सिर्फ दिखावे का एक प्रोग्राम नहीं है, बल्कि इसमें मेहमान देश और उसके नेता के लिए इज्जत, भरोसा और रिश्तों की गहराई झलकती है. इसीलिए जब आज (शुक्रवार) पीएम मोदी जापान पहुंचे तो वहां उनका जोरदार तरीके से स्वागत हुआ. इस दौरान सबसे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.इस मौके पर दोनों देशों के रिश्तों और दोस्ती की झलक साफ दिखी. जापान में पीएम मोदी को मिला यह सम्मान सिर्फ एक औपचारिकता मात्र नहीं थी, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि भारत और जापान के रिश्ते कितने मजबूत होते जा रहे हैं. कैसे दिया जाता है गार्ड ऑफ ऑनर?असल में गार्ड ऑफ ऑनर एक तरह का सैन्य सलामी प्रोग्राम है. इसमें सैनिक बहुत अनुशासित तरीके से लाइन में खड़े होकर जो भी मेहमान या नेता होते हैं उनका स्वागत करते हैं. उस वक्त बैंड की धुन बजती है और अनुशासन का शानदार नजारा दिखाई देता है. यह सब कुछ इसलिए किया जाता है, ताकि आने वाले मेहमान को एहसास हो सके कि उसका और उसके देश का हम कितना सम्मान करते हैं.अब तक दुनिया के किन नेताओं को मिला गार्ड ऑफ ऑनर?मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो लिस्ट में सबसे पहला नंबर ब्रिटेन की दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का है. उन्होंने अपने लंबे 70 साल के शासन में लगभग 116 देशों का दौरा किया था और लगभग हर जगह उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर मिला.भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मामले में पीछे नहीं हैं. अगस्त 2025 तक उन्होंने 92 अंतरराष्ट्रीय यात्राएं की हैं और करीब 78 अलग-अलग देशों में कदम रखा है. ज्यादातर जगहों पर उन्हें भी गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है. इससे यह पता चलता है कि भारत की इज्जत दुनिया में कितनी बढ़ गई है.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात करें तो उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में 24 देशों का दौरा किया था और दूसरे कार्यकाल में 8 देशों का दौरा किया है.रिपोर्टस बताती हैं कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी यात्राओं के मामले में पीछे नहीं हैं. 2000 से लेकर नवंबर 2024 तक उन्होंने 72 अलग-अलग देशों का दौरा किया है.उधर, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी 2012 से अब तक करीब 70 देशों की यात्राएं कर चुके हैं.हालांकि यह तय नहीं है कि हर दौरे पर गार्ड ऑफ ऑनर मिलता है या नहीं, ऐसे में सटीक संख्या बता पाना मुश्किल है. लेकिन राष्ट्राध्यक्ष को आमतौर पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है.यह भी पढ़ें: पीएम मोदी को जापान में मिला गार्ड ऑफ ऑनर, इसका क्या मतलब और क्यों दिया जाता है यह?