रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस साल दिसंबर में भारत आएंगे। रूस के राष्ट्रपति ऑफिस क्रेमलिन ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा होगा। यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और रूस अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं, जबकि अमेरिका भारत पर रूस से तेल खरीदने की वजह से आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, पुतिन सोमवार को चीन में होने वाली SCO समिट के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनकी भारत यात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। रूस की तरफ से यह घोषणा तब आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत के निर्यात पर कुल 50% टैरिफ लगाए हैं। इसमें से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ रूसी तेल खरीद की वजह से लगाया गया है। अमेरिका का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। पुतिन हाल ही में अजीत डोभाल से मिले थे भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने इस महीने की शुरुआत में मॉस्को यात्रा के दौरान क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की थी। यह मुलाकात सुरक्षा, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता के लिए हुई थी। इस दौरान भारतीय NSA ने कहा था कि हमारा रिश्ता बहुत खास और पुराना है। हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं। हमें राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की खबर से बहुत खुशी है। तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं। आखिरी बार 2021 में भारत आए थे पुतिन ने आखिरी बार 06 दिसंबर 2021 में भारत की यात्रा की थी। तब वे सिर्फ 4 घंटे के लिए भारत आए थे। इस दौरान भारत और रूस के बीच 28 समझौते पर दस्तखत हुए थे। इसमें मिलिट्री और तकनीकी समझौते थे। दोनों देशों ने 2025 तक 30 अरब डॉलर (2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए) सालाना ट्रेड का टारगेट रखा था। इस विजिट से दोनों देशों के बीच 2030 के लिए नए आर्थिक रोडमैप को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। भारत और रूस अपने बाइलेट्रल ट्रेड को दोगुना करके सालाना 100 अरब डॉलर से ज्यादा करने पर सहमत हुए हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है। 2024 में दो बार रूस गए थे मोदी PM मोदी ने साल 2024 में दो बार रूस की यात्रा की थी। वे BRICS समिट के लिए 22 अक्टूबर को रूस गए थे। इससे पहले जुलाई में भी मोदी ने दो दिन का रूस दौरा किया था। तब उन्होंने पुतिन को भारत आने का न्योता दिया था। दूसरे देशों की यात्रा से बच रहे पुतिन मार्च 2023 में ICC ने पुतिन के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। कोर्ट ने यूक्रेन में बच्चों के अपहरण और डिपोर्टेशन के आरोपों के आधार पर पुतिन को वॉर क्राइम्स के लिए जिम्मेदार माना था। यह पहला मौका था जब ICC ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के किसी स्थायी सदस्य देश के टॉप लीडर के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस UNSC के स्थायी सदस्य हैं। इसके बाद से पुतिन दूसरे देशों की यात्राएं करने से बचते रहे हैं। वह पिछले साल G20 समिट में शामिल होने भारत नहीं आए थे। इस साल ब्राजील में हो रहे G20 समिट में भी हिस्सा नहीं लिया है। उनकी जगह विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दोनों कार्यक्रम में शामिल हुए।