छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए अब स्कूलों में पहली से 5वीं तक के बच्चों को छत्तीसगढ़ी एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। सरकार के इस फैसले के पीछे का उद्देश्य बच्चों को छत्तीसगढ़ी के अवगत कराना है। इसके लिए SCERT पाठ्यक्रम तैयार कर रही है।