मेहनत और लगन से तेलंगाना की ईको वॉरियर बनीं हरि चंदना, ऐसे जीता लोगों का दिल

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मेहनत, लगन और नई सोच अगर आपके अंदर है तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता है. साथ ही, इसकी मदद से समाज में बदलाव भी ला सकते हैं. कुछ ऐसा ही काम कर दिखाया है तेलंगाना की 2010 बैच की आईएएस हरि चंदना ने, जिनकी कहानी हर उस शख्स के लिए प्रेरणा है, जो मुश्किल हालात में भी हार नहीं मानता है. अपने जज्बे की वजह से हरि चंदना तेलंगाना के लिए मिसाल भी बन चुकी हैं.ईको वॉरियर का खिताबहरि चंदना अपने करियर में तमाम ऐसे काम कर चुकी हैं, जिनकी मदद से वह लोगों के दिलों पर राज करती हैं. दरअसल, जब वह ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) में जोनल कमिश्नर थीं, तब उन्होंने कई अनोखे और फायदेमंद प्रोजेक्ट शुरू किए. उन्होंने सबसे पहले प्लास्टिक कचरे से पावर टाइल्स बनाने की शुरुआत की, जिससे पर्यावरण को बचाने में मदद मिली. वहीं, महिलाओं की सहूलियत के लिए उन्होंने 'She Toilets' शुरू किए. इसके अलावा भारत का पहला पेट पार्क भी उनके ही दिमाग की उपज था. साथ ही, टेलीमेडिसिन सेवाओं के जरिए हेल्थ फैसिलिटीज को लोगों तक आसानी से पहुंचाया. हरि चंदना ने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई प्रोजेक्ट शुरू किए, जिससे हजारों महिलाओं को रोजगार मिला. इसकी वजह से लोग उन्हें ईको वॉरियर के नाम से भी बुलाते हैं.सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड मिलेकोविड-19 महामारी के दौरान हरि चंदना नारायणपेट जिले की कलेक्टर थीं. उस वक्त उन्होंने Aarunya महिला सहकारी संस्था की शुरुआत की, जिससे हजारों बुनकरों और कारीगरों को ई-कॉमर्स के बड़े प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया. इससे स्थानीय कारीगरों को बाजार मिला और उनकी कला को भी पहचान मिली. उस दौरान उन्होंने 4000 महिलाओं को मास्क बनाने का काम दिलवाया, जिससे एक साल में ₹50 लाख का मुनाफा हुआ. इस शानदार काम के लिए उन्हें ब्रिटिश काउंसिल के सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड से भी नवाजा गया.अब मिली यह बड़ी जिम्मेदारीहरि चंदना इस वक्त हैदराबाद कलेक्टर पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जो उन्हें मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सौंपी. हरि चंदना का यह सफर हर किसी को संदेश देता है कि अगर इरादे नेक हों तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं. उनका मानना है कि सही मौके और मेहनत से सुशासन के साथ-साथ जनता की प्रगति भी संभव है. हरि चंदना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो साबित करती हैं कि मेहनत और ईमानदारी से कुछ भी हासिल किया जा सकता है.ये भी पढ़ें: नोटबंदी लागू करने वाले RBI गवर्नर उर्जित पटेल बने IMF के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कितनी पढ़ाई-लिखाई के बाद मिला यह पद?