मंगल पर मानवों को बसाने में कौन-सा देश सबसे आगे, जानें कहां आता है अपना भारत?

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मंगल ग्रह पर मानवों को बसाने की दौड़ में कई देश और निजी कंपनियां शामिल हैं लेकिन इस क्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका सबसे आगे है. NASA और निजी कंपनी स्पेसएक्स के नेतृत्व में अमेरिका ने मंगल पर मानव मिशन के लिए सबसे ठोस और उन्नत योजनाएं बनाई हैं. नासा का आर्टेमिस प्रोग्राम चंद्रमा पर बस्ती स्थापित करने की दिशा में एक कदम है, जो मंगल मिशन के लिए तकनीकी आधार तैयार करेगा.दूसरी ओर, स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने 2040 तक मंगल पर कॉलोनी बनाने का टारगेट तय कर किया है. उनकी स्टारशिप रॉकेट तकनीक इस दिशा में तेजी से प्रगति कर रही है, जो बड़े पैमाने पर मानवों और सामान को मंगल तक ले जाने में सक्षम होगी.मंगल पर इंसानों को बसाने में कौन-सा देश सबसे आगेअमेरिका के बाद चीन इस दौड़ में दूसरा प्रमुख खिलाड़ी है. चीनी अंतरिक्ष एजेंसी (CNSA) ने 2021 में अपने तियानवेन-1 मिशन के साथ मंगल पर रोवर उतारा और चीन ने 2033 के मंगल ग्रह पर अपना पहला मानवयुक्त मिशन भेजने की योजना बनाई है. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) भी मंगल अनुसंधान में सक्रिय है, लेकिन यह मुख्य रूप से रोबोटिक मिशनों पर केंद्रित है और मानव मिशन के लिए अभी कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है. रूस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश भी मंगल मिशनों में रुचि दिखा रहे हैं, लेकिन उनकी प्रगति अमेरिका और चीन की तुलना में सीमित है.भारत कहां शामिलभारत की बात करें तो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 2013 में मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) के साथ मंगल की कक्षा में पहुंचकर इतिहास रचा था. इसके साथ ही भारत अपने पहले प्रयास में ही मंगल पर पहुंच जाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया. यह मिशन अपनी लागत-प्रभावशीलता और पहली बार में सफलता के लिए विश्व स्तर पर सराहा गया. हालांकि, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अगले चार दशकों में मंगल पर मानव मिशन और 3D-प्रिंटेड बस्तियां स्थापित करने की योजना बना रहा है. इसरो का लक्ष्य 2047 तक चंद्रमा पर क्रू स्टेशन, खनिज खनन, चंद्र रोवर संचालन और अंतरग्रहीय मिशनों के लिए प्रणोदक डिपो बनाना है. यह रोडमैप पूरे देशभर में किए गए विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है.इसे भी पढ़ें-किस देश के पास है सबसे ताकतवर रॉकेट, किस नंबर पर आते हैं भारत और जापान?