इस देश में चैटजीपीटी पर केस दर्ज, आरोप साबित हुआ तो किसे मिलेगी सजा?

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दुनिया की मशहूर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI एक बार फिर मुश्किलों में फंस गई है. वजह है उसका चैटबॉट ChatGPT, जिस पर अब बेहद गंभीर आरोप लगे हैं. दरअसल अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले एक 16 साल के लड़के ने कथित तौर पर ChatGPT की वजह से अपनी जान दे दी. लड़के के पिता का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई और होमवर्क करने के लिए अक्सर ChatGPT का इस्तेमाल करता था. शुरुआत में यह एआई टूल उसके लिए पढ़ाई में मददगार साबित हुआ, लेकिन यही एआई टूल बाद में उसके लिए ‘सुसाइड कोच’ बन गया.यही वजह है कि परिवार ने OpenAI के खिलाफ अदालत में 40 पन्नों का मुकदमा दायर किया है. इस शिकायत में कंपनी पर लापरवाही और खतरनाक जानकारी देने का आरोप लगाया गया है. ऐसे में सवाल यह है कि अगर ये आरोप अदालत में सही साबित हो गए तो आखिर सजा किसे मिलेगी और इसे लेकर किसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी, चलिए जानें.किसकी बनेगी जिम्मेदारीअगर यह साबित हो जाता है कि ChatGPT ने गलत, भ्रामक या अवैध सामग्री दी और OpenAI ने इसकी रोकथाम के लिए उचित कदम नहीं उठाए, तो जिम्मेदारी पूरी तरह कंपनी की होगी. ऐसे मामलों में अदालत OpenAI कंपनी पर जुर्माना मुआवजा या कड़े रेगुलेटरी प्रतिबंध लगा सकती है. अमेरिका में टेक कंपनियों पर पहले भी डेटा प्राइवेसी उल्लंघन और यूजर सेफ्टी के मामलों में अरबों डॉलर के जुर्माने लग चुके हैं.कैलिफोर्निया में ChatGPT पर केस दर्ज होने और आरोप साबित होने की स्थिति में सीधा दोषी ChatGPT नहीं बल्कि OpenAI कंपनी के सीईओ या फिर मैनेजर की जिम्मेदारी बनेगी. भारत में क्या हैं नियमभारत में अगर किसी कंपनी की दी हुई गलत या हानिकारक जानकारी से किसी की जान चली जाती है, तो उस पर कानून के तहत आपराधिक मामला चल सकता है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कंपनी ने जानकारी किस तरह दी थी, क्या वह जानबूझकर घातक थी या लापरवाही से दी गई थी.अगर कंपनी की लापरवाही या गलती से किसी की जिंदगी खतरे में पड़ी, तो उस पर BNS की धारा 125 यानि दूसरों की जान या सुरक्षा को खतरे में डालना लग सकती है. लेकिन अगर साबित हो जाए कि कंपनी की दी गई जानकारी की वजह से सीधे तौर पर किसी की मौत हुई, भले ही जानबूझकर हत्या का इरादा न हो, तब उस पर BNS की धारा 103 गैर-इरादतन हत्या लागू हो सकती है.अमेरिका में क्या कहता है नियम?अमेरिका में अगर किसी कंपनी पर मुकदमा होता है और वह दोषी पाई जाती है, तो सजा सिर्फ कंपनी को ही नहीं बल्कि उससे जुड़े लोग जैसे अधिकारी या कर्मचारी भी भुगत सकते हैं. कंपनी पर सजा के तौर पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है या उसे लाखों डॉलर तक का मुआवजा देना पड़ सकता है। वहीं अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की सीधी जिम्मेदारी साबित हो जाती है, तो उन्हें जेल की सजा भी हो सकती है.यानि वहां कानून सिर्फ कंपनी को ही नहीं, बल्कि उसमें काम करने वाले जिम्मेदार लोगों को भी सजा देता है.यह भी पढ़ें: किस देश के पास है सबसे ताकतवर रॉकेट, किस नंबर पर आते हैं भारत और जापान?