बिहार में 58 फीसदी मतदाता वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन को चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने वाला कदम मानते हैं. लोगों का मानना है कि ये संशोधन आम नागरिकों के मतदान अधिकार को सुरक्षित करने के लिए किया गया है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बढ़ा है.