टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख होगी, जबकि मौजूदा टर्मिनल-2 की क्षमता 40 लाख है। दोनों टर्मिनलों के साथ इंदौर एयरपोर्ट की कुल क्षमता 50 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी।