अक्सर माता-पिता या शिक्षक अनुशासन के नाम पर बच्चों को दूसरों के सामने टोक देते हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिक इसे बच्चे के भविष्य के लिए 'इमोशनल डैमेज' मानते हैं।