कोरोना काल के बाद मध्य प्रदेश के पंजीयन राजस्व में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है, जहां यह आंकड़ा 60% तक बढ़ गया है। बीते पांच साल में करीब 68 लाख 75 हजार रजिस्ट्रियों से करीब 51 हजार 799 करोड़ रुपये राजस्व मिला है।