इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए जल्द ही एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें कई समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति उत्तराखंड और गुजरात द्वारा लागू किए गए यूसीसी कानूनों का गहन अध्ययन करेगी।