बांग्लादेश क्रिकेट में विवादों का दौर जारी है. पिछले वर्ष अक्टूबर में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चुनाव हुए थे, जिनमें पहले गड़बड़ी के आरोप लगे थे. इन आरोपों के बाद बांग्लादेश सरकार ने एक जांच समिति का गठन किया था. इसी समिति द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले वर्ष BCB चुनावों में धांधली हुई, वोटरों को डराया गया और पक्षपात भी हुआ था. पूर्व न्यायमूर्ति एकेएम असदुज्जमान के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय समिति ने रविवार को खेल मंत्रालय को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी.जांच रिपोर्ट में हुए खुलासे अनुसार अक्टूबर में हुई ई-वोटिंग प्रक्रिया पहले से प्लान कर ली गई थी. बताया गया कि चुनाव से एक दिन पहले यानी 5 अक्टूबर 2025 के दिन वोटरों को एक जगह पर इकट्ठा किया गया था. नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल के डायरेक्टर मोहम्मद अमीनुल अहसान ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र नहीं थी. चुनाव से पहले वोटरों को धमकाया गया था.समिति ने बताया कि BCB के कई उच्च अधिकारी जांच में सहयोग करने को राजी नहीं थे. वहीं पिछले सप्ताह बीसीबी के पूर्व अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने जांच समिति को इंटरव्यू ना देकर लिखित में अपना जवाब भेजा था.NSC के डायरेक्टर मोहम्मद अमीनुल अहसान ने बताया कि सरकार को ऐसे पर्याप्त कारण मिले हैं जिससे अमीनुल बुलबुल की अध्यक्षता वाले बांगलादेश क्रिकेट बोर्ड को भंग किया जाए. बुलबुल को अध्यक्ष पड़ से हटाए जाने के बाद एक 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व पूर्व क्रिकेटर तमीम इकबाल करेंगे. अगले 3 महीनों तक BCB का कामकाज यही समिति देखेगी. इकबाल BCB के अंतरिम अध्यक्ष हैं, जिन्होंने पिछले साल चुनावों से पूर्व बुलबुल पर पावर का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे. यह भी पढ़ें:जोस बटलर ने रचा इतिहास, IPL में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ बनाया बड़ा रिकॉर्ड; पूरे किए 600 छक्के